Uncategorizedताज़ा ख़बरें

*राजनैतिक त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ती नारायण त्रिपाठी को मिले सतना लोकसभा के चुनाव में प्रतिनिधित्व* नीतिगत मुद्दों में सरकार से प्रत्यक्ष रूप में दो दो हाथ करने वाले नारायण त्रिपाठी को सतना लोकसभा के चुनाव में प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए। नारायण त्रिपाठी ने जातपात ऊंच नीच की राजनीति को दरकिनार कर राजनीति में एक नया मुकाम स्थापित करने का कार्य किया है। नारायण के दरवाजे में जब भी कोई मदद की आस लेकर आया नारायण ने उससे बिना सवाल किए मदद करने का कार्य किया कभी ये नही देखा कि चुनाव में किसने मदद की या नही की किसने वोट दिया किसने नही दिया मदद की दरकार जिसे भी रही खुले मन से काम करने का कार्य किया। बात मैहर विधानसभा की बात की जाय तो अपना राजनैतिक बलिदान दे देकर हर संभव विकास करने का कार्य किया चाहे गाँव गाँव सड़को का जाल बिछाने का कार्य हो,गाँव गाँव नल जल योजना का पानी पहुचाने का कार्य हो,सिचाई का पानी किसानों तक पहुँचाने का कार्य हो,अस्पताल के उन्नयन का कार्य हो,कालेज स्कूलों के उन्नयन का कार्य हो,मैहर को जिला बनाने का कार्य हो,मैहर में टाउन हॉल के टेंडर का मामला हो,या करोना काल मे अपनी जान जोखिम में डालकर लोगो की जान बचाने का मामला हो जिस सेवा कार्य को कोई भुला नही सकता लोग मारे डर के घरों में दुबके बैठे थे तब नारायण त्रिपाठी ने एक एक आदमी के जीवन को बचाने की कवायद में रात दिन जुटे रहे। नारायण त्रिपाठी ने कभी धंधा व्यापर को बचाने की राजनीति नही की बल्कि सेवा को संकल्प मानकर लोगो की सेवा की। आज की परिस्थियों पर अगर नजर डाली जाए जो राजनैतिक परिवेश चल रहा है इसे देखते हुए आवश्यक है कि नारायण त्रिपाठी जैसे जन सेवक को सतना लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना चाहिए। आज के राजनीति की आवश्यकता है नारायण त्रिपाठी इसलिए सतना लोकसभा की जनता जनार्दन भी मांग करती है कि इस लोकसभा चुनाव में नारायण त्रिपाठी को प्रतिनिधित्व मीले जिससे जिले की राजनीति में एक नया इतिहास रचने के साथ साथ एक नई स्वच्छ और सर्वहारा वर्ग की राजनीति का उदय हो सके जिससे जातपात ऊंच नीच की खाई को पाटने का कार्य भी हो सके।

*राजनैतिक त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ती नारायण त्रिपाठी को मिले सतना लोकसभा के चुनाव में प्रतिनिधित्व* नीतिगत मुद्दों में सरकार से प्रत्यक्ष रूप में दो दो हाथ करने वाले नारायण त्रिपाठी को सतना लोकसभा के चुनाव में प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए। नारायण त्रिपाठी ने जातपात ऊंच नीच की राजनीति को दरकिनार कर राजनीति में एक नया मुकाम स्थापित करने का कार्य किया है। नारायण के दरवाजे में जब भी कोई मदद की आस लेकर आया नारायण ने उससे बिना सवाल किए मदद करने का कार्य किया कभी ये नही देखा कि चुनाव में किसने मदद की या नही की किसने वोट दिया किसने नही दिया मदद की दरकार जिसे भी रही खुले मन से काम करने का कार्य किया। बात मैहर विधानसभा की बात की जाय तो अपना राजनैतिक बलिदान दे देकर हर संभव विकास करने का कार्य किया चाहे गाँव गाँव सड़को का जाल बिछाने का कार्य हो,गाँव गाँव नल जल योजना का पानी पहुचाने का कार्य हो,सिचाई का पानी किसानों तक पहुँचाने का कार्य हो,अस्पताल के उन्नयन का कार्य हो,कालेज स्कूलों के उन्नयन का कार्य हो,मैहर को जिला बनाने का कार्य हो,मैहर में टाउन हॉल के टेंडर का मामला हो,या करोना काल मे अपनी जान जोखिम में डालकर लोगो की जान बचाने का मामला हो जिस सेवा कार्य को कोई भुला नही सकता लोग मारे डर के घरों में दुबके बैठे थे तब नारायण त्रिपाठी ने एक एक आदमी के जीवन को बचाने की कवायद में रात दिन जुटे रहे। नारायण त्रिपाठी ने कभी धंधा व्यापर को बचाने की राजनीति नही की बल्कि सेवा को संकल्प मानकर लोगो की सेवा की। आज की परिस्थियों पर अगर नजर डाली जाए जो राजनैतिक परिवेश चल रहा है इसे देखते हुए आवश्यक है कि नारायण त्रिपाठी जैसे जन सेवक को सतना लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना चाहिए। आज के राजनीति की आवश्यकता है नारायण त्रिपाठी इसलिए सतना लोकसभा की जनता जनार्दन भी मांग करती है कि इस लोकसभा चुनाव में नारायण त्रिपाठी को प्रतिनिधित्व मीले जिससे जिले की राजनीति में एक नया इतिहास रचने के साथ साथ एक नई स्वच्छ और सर्वहारा वर्ग की राजनीति का उदय हो सके जिससे जातपात ऊंच नीच की खाई को पाटने का कार्य भी हो सके।

*राजनैतिक त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ती नारायण त्रिपाठी को मिले सतना लोकसभा के चुनाव में प्रतिनिधित्व*
नीतिगत मुद्दों में सरकार से प्रत्यक्ष रूप में दो दो हाथ करने वाले नारायण त्रिपाठी को सतना लोकसभा के चुनाव में प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए। नारायण त्रिपाठी ने जातपात ऊंच नीच की राजनीति को दरकिनार कर राजनीति में एक नया मुकाम स्थापित करने का कार्य किया है। नारायण के दरवाजे में जब भी कोई मदद की आस लेकर आया नारायण ने उससे बिना सवाल किए मदद करने का कार्य किया कभी ये नही देखा कि चुनाव में किसने मदद की या नही की किसने वोट दिया किसने नही दिया मदद की दरकार जिसे भी रही खुले मन से काम करने का कार्य किया।
बात मैहर विधानसभा की बात की जाय तो अपना राजनैतिक बलिदान दे देकर हर संभव विकास करने का कार्य किया चाहे गाँव गाँव सड़को का जाल बिछाने का कार्य हो,गाँव गाँव नल जल योजना का पानी पहुचाने का कार्य हो,सिचाई का पानी किसानों तक पहुँचाने का कार्य हो,अस्पताल के उन्नयन का कार्य हो,कालेज स्कूलों के उन्नयन का कार्य हो,मैहर को जिला बनाने का कार्य हो,मैहर में टाउन हॉल के टेंडर का मामला हो,या करोना काल मे अपनी जान जोखिम में डालकर लोगो की जान बचाने का मामला हो जिस सेवा कार्य को कोई भुला नही सकता लोग मारे डर के घरों में दुबके बैठे थे तब नारायण त्रिपाठी ने एक एक आदमी के जीवन को बचाने की कवायद में रात दिन जुटे रहे।
नारायण त्रिपाठी ने कभी धंधा व्यापर को बचाने की राजनीति नही की बल्कि सेवा को संकल्प मानकर लोगो की सेवा की। आज की परिस्थियों पर अगर नजर डाली जाए जो राजनैतिक परिवेश चल रहा है इसे देखते हुए आवश्यक है कि नारायण त्रिपाठी जैसे जन सेवक को सतना लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना चाहिए। आज के राजनीति की आवश्यकता है नारायण त्रिपाठी इसलिए सतना लोकसभा की जनता जनार्दन भी मांग करती है कि इस लोकसभा चुनाव में नारायण त्रिपाठी को प्रतिनिधित्व मीले जिससे जिले की राजनीति में एक नया इतिहास रचने के साथ साथ एक नई स्वच्छ और सर्वहारा वर्ग की राजनीति का उदय हो सके जिससे जातपात ऊंच नीच की खाई को पाटने का कार्य भी हो सके।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!